गाड़ी चोरी होने पर इन्सोरंस क्लेम कैसे ले ?

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प्रश्न:- वकील साहब, गाड़ी चोरी हो जाये तो क्या करे ? कैसे पुलिस और इन्सोरंस क्लेम कंपनी से निपटे और गाड़ी का क्लेम ले ?

उत्तर :-

गाड़ी चोरी होना एक आम बात हो गई है | गाड़ी चोरी के बाद व्यक्ति को पता नही होता है की वो कैसे इस मुसीबत से निपटे और कैसे अपनी गाड़ी का क्लेम ले | कई बार सारी क़ानूनी फोरमल्टी पूरी होने के बाद भी व्यक्ति को क्लेम नही मिलता है, उपभोक्ता अदालत के चक्कर लगाने पड़ते है और वो हताश हो जाता है | आइये जाने गाडी चोरी होने के बाद फोरन ये 3 काम क्या करे, और कैसे कानून का सहारा ले कर कोर्ट पुलिस से निपटे और आसानी से अपनी गाड़ी का क्लेम ले ?

गाड़ी चोरी हो जाये तो क्या करे ?

गाड़ी चोरी हो जाये तो इन्सोरंस क्लेम कैसे ले ?

गाड़ी चोरी हो जाये तो क्या करे ?

1. गाड़ी चोरी होने पर तुरंत 100नंबर पर काल करे  :-   

जब भी आप को पता चले कीआप की गाड़ी चोरी हो गई है | तो बिना देरी के 100 नंबर पर पुलिस को सूचित करे अगर आपपुलिस को सूचित करने में देरी कर देते है और इस दौरान अपराधी लोग उस गाड़ी से किसीवारदात को अंजाम दे देते है तो जिम्मेदारी गाड़ी मालिक की ही बनती है । मान लीजिए, किसी की गाड़ी शाम 6 बजे चोरी हो गई । आपने, ना तो पीसीआर को 100 नंबर पर कॉलकिया और ना ही व्यक्तिगत रूप से उसी समय FIR करवाई बल्कि खुद ही गाड़ी की तलाशकरने लगे है । और अगली सुबह जब आप F.I.R. के लिए जाते है | तो पता चलता है कि रातको उस गाड़ी का इस्तेमाल किसी की हत्या करने में किया गया। ऐसे में शक की पहली सूईनिर्दोष गाड़ी मालिक की तरफ ही जाएगी | अगर आप ने वारदात होने से पहले ही एफ.आई.आर.दर्ज ना करा के सिर्फ 100 नंबर की कॉल भी कर दी होती तो आप पुलिस/ केस के सिकंजेसे बच सकते थे |कईबार ऐसा भी होता है की हम बाहर मार्किट में, नो पार्किंग जोन में गाड़ी लगा देते हैजिसे की ट्रिफिक पुलिस वाले उठा के ले जाते है लेकिन कई बार इस चक्कर में रह कर कीट्रेफिक पुलिस वाले मेरी गाड़ी ले गए है हम उसे खोजने में समय बर्बाद कर देते है जबतक गाड़ी को चोर बहुत दूर ले जा चुके होते है | ऐसे में अगर आप को लगे की आप की गाड़ीट्राफिक पुलिस ने उठाई है | तब भी आप 100 पर काल करके अपनी गाड़ी की मिसिंग/ गायब होनेकी जानकारी दे तथा उस जगह जहा पर आपकी गाडी toway जॉन ट्राफिक ऑफिस कहा है ? औरउसका नंबर क्या है वो लेकर वहा से अपनी गाड़ी का पता करे अगर आपको पता चले की आपकीगाड़ी toway जॉन ट्राफिक ऑफिस में नही है तो आप फिर से 100 नंबर पर गाड़ी चोरी कीसुचना दे और अपनी गाड़ी की चोरी होने की F.I.R. धारा 379 IPC में करवाये |

2.गाड़ी चोरी की F.I.R. धारा 379 IPC में करवाये :–   

पुलिस में F.I.R. करवाने के दो तरीके है पहला आप स्वय पुलिस स्टेशन में जाकर पुलिसको सूचित करके F.I.R.  करवाए दूसरा आप ऑनलाइनअपने राज्य की ऑफिसियल पुलिस वेबसाईट पर जाकर गाड़ी चोरी की F.I.R. करवाये | दोनोंमें कोई अंतर नही है | में तो आपको ऑनलाइन F.I.R. करवाने की सलाह ही दूंगा | इसकेलिए आप अपने राज्य की पुलिस वेब साईट पर जाइये और व्हीकल थेफ़्ट मोड में जाकर अपनेडिस्ट्रिक को सलेक्ट करके F.I.R. रजिस्टर्ड करे | FIR में साफ तौर पर लिखे की आपनेअपनी गाड़ी कितने बजे, कहा पार्क की थी तथा अंतिम बार उसे कब देखा था | तथा जब गाड़ीचोरी हुई या आपको इस चोरी का पता चला | उस समय क्या समय था सारी फोर्मेल्टी पूरीहोने के बाद आपकी F.I.R. रजिस्टर हो जाएगी और इसकी कॉपी तुरंत आपके e mail I.D. परआ जाएगी |

3.गाड़ी चोरी के बारे में इन्सोरंसक्लेम कंपनी को सूचित करना :-

पुलिसको 100 नंबर पर सुचना देने के साथ ही आपको अपनी इन्सोरंस क्लेम कंपनीको भीसूचित करना होता है | इसके लिए आप इन्टरनेट से अपनी इन्सोरंस क्लेम कंपनीकाकस्टमर केयर नंबर ले कर काल कर सकते है | अब तो सभी इन्सोरंस कंपनीयो का क्लेमऑनलाइन सिर्फ काल पर ही रजिस्टर्ड होता है | आप काल करने के बाद अपना क्लेम नंबरजरुर ले, क्योकि ये ही आपको क्लेम के पैसे दिलाएगा | वैसे अभी नियमो के अनुसारगाड़ी चोरी होने के से 1 हप्ते के अंदर आप अपनी इन्सोरंस क्लेम कंपनीको चोरीके लिए सूचित करेंगे और 6 महीने के अंदर आप को अपने गाड़ी चोरी से सम्बन्धित पेपरअपनी इसोरंस कम्पनी में जमा करवाने होते है | वैसे आज कल ये काम इन्सोरंस क्लेम कंपनीके एजेंट स्वय ही कर लेते है | राज्य के अनुसार इन्सोरंस क्लेम कंपनियों मेंपेपर जमा करवाने की समय सीमा या नियम अलग-अलग भी हो सकते है |

इन्सोरंस क्लेम कंपनी को कौन से पेपर देने होते है :-

गाड़ी की इन्सोरंस क्लेम कंपनीको सूचित करने के अलावा कुछ पेपर भी देने होते है जिनका विवरण निम्नलिखित है :-

  1. आई.डी. प्रूफ के लिए गाड़ी के ओनर के आधार कार्ड या अन्य आई. डी. कार्ड की कॉपी
  2. गाड़ीअगर ओनर के अलावा किसी और व्यक्ति के द्वारा चोरी हुई है तो उसके डी. एल. की कॉपी
  3. गाड़ीकी RC अगर ओरिजिनल है तो ठीक है वरना उसकी फोटो कॉपी
  4. गाड़ी ओनर के 2 पासपोर्ट साइज़ फोटो
  5. गाड़ीकी दोनों चाबी | अगर एक चाबी नही है तो उसकी पुलिस मिस्सिंग रिपोर्ट की कॉपी
  6. पुलिस F.I.R. की कॉपी |
  7. गाड़ीचोरी होने के बाद पुलिस उसे तलास नही कर पाई इसलिये उसकी कोर्ट के द्वारा दी गई अनट्रेसआदेश की कॉपी, जिसमे लिखा होता है की आपकी कार को पुलिस बरामद नही कर पाई है |वैसे अगर आपने अपनी गाड़ी चोरी की शिकायत ओन लाइन करवाई है तो ये अनट्रेस रिपोर्टआपके e-mail पर अपने आप आ जायेगी | लेकिन आपको अगर ये जल्दी चाहिए तो आप कोर्ट मेंआवेदन करके इसे पहले भी ले सकते है
  8. अगरआपकी गाड़ी लोन पर थी और आप सारा लोन भर चुके है तो लोन कंपनी से N.O.C. की कॉपी इन्सोरंसक्लेम कंपनीको दे | अगर लों अभी पूरा नही हुआ है तो अग्रीमेंट की कॉपी लोनकंपनी को दे | लोन होने की स्तिथि में आपका पैसा लोन कंपनी का पैसा कटने के बाद जोबचेगा वो आपको चेक के द्वारा मिलेगा या अकाउंट में आएगा |
  9. अगरआपकी गाड़ी कोमेर्सिअल है तो ड्राईवर की नोकरी से सम्बन्धित पेपर, गाड़ी के आने जानेके टेंडर, गुड्स डिलीवरी, परमिट इत्यादि के भी पेपर लगते है | ये पेपर भी चोरी होगए है तो RTO से इनकी सर्टिफाइड कॉपी लेकर इन्सोरंस क्लेम कंपनीको दे | येकॉपी आपको एक साधारण आवेदन पर उसी दिन मिल जाती है 

आर.टी.ओ. में कागजात जमा करवाएं :-

गाड़ी चोरी होने पर अक्सर लोग आर.टी.ओ. में सूचना नहीं देते लेकिन आपको आरटीओ को भी इस बारे में जानकारी देना चाहिए। यहां भी पुलिस एफ.आई.आर. की कॉपी, गाड़ी के कागजात और यदि गाड़ी की फोटो हो तो उसे जमा करवा दें। इससे भविष्य में कानूनी रुप से आप मजबूत होंगे। लेकिन ऐसा करना कोमेर्सिअल वेहिकल में ही जरूरी होता है अगर आपका वाहन प्राइवेट है तो आप को वह पर पेपर जमा करवाने की कोई जरूरत नही है |

अगर आपकी गाड़ी की R.C. में आपका नाम नही है और गाड़ी चोरी हो जाये तो क्या करे? :-

कई बार क्या होता है की लोग गाड़ी तो खरीद लेते है लेकिन उसको अपने नाम नही करवाते वे छोटे लालच या आलस के कारण लोग ऐसा कर देते है | लेकिन अगर गाड़ी चोरी हो जाती है तो उनको इस बड़ी गलती का पता चलता है | ऐसे में आप गाड़ी के रजिस्टर्ड ओनर नही होते है तो आपको इन्सोरंस कंपनीक्लेम नही देती है | ऐसे हालत में आप FIR भी उसके रजिस्टर्ड ओनर के नाम से की करवाए की गाडी उसकी थी पर मेरे हाथो से चोरी हुई थी | तथा क्लेम भी RC पर लिखे नाम, रजिस्टर्ड ओनर जो ही मिलेगा | तो आप उसी के नाम से गाडी का इन्सोरंस क्लेम करे |

इन्सोरंस क्लेम कंपनी की चालाकियो से कैसे बचे :-

इन्सोरंस कम्पनी हमेशा चाहती है की क्लेम में कुछ न कुछ निकाल कर आपको क्लेम नही दे | वैसे सारी इन्सोरंस क्लेम कंपनीऐसी नही होती है लेकिन फिर भी काफी हद तक ऐसी ठगी कस्टमर के साथ जरुर होती है | आइये जाने इससे कैसे बचे |

  1. हमेशा गाड़ी चोरी होने के तुरंत बाद अपना इन्सोरंस क्लेम कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर ही रजिस्टर्ड करवाए इसमें देरी नही करे | क्योकि इन्सोरंस कंपनिया इस बात को बहाना बना कर की आप ने हमें देरी से बताया और गाडी बेच या कटवा दी है ऐसा कह कर क्लेम नही देती है | कई कंपनिया अपने नियम की बुकलेट में भी चोरी इनफार्मेशन 24 घंटे या 2 दिन में देने की बात लिखती है और बाद में कस्टमर को दिखा कर बेवकूफ बना देती है | हलाकि ये नियम गलत है क्योकि इन चीजो में सरकारी नियमो का ही पालन होता है जिसकी समय सीमा 7 दिन है | लेकिन इन नियमो की जानकारी आम व्यक्ति की पहुच से बाहर होती है | ज्यादा जानकारी के लिए आप मोटर व्हीकल एक्ट देखे |
  2. इन्सोरंस क्लेम कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर अपने क्लेम का नंबर व क्लेम किस एजेंट को दिया है उसका मोबाइल नंबर भी ले | कभी भी सीधे ऑफिस जाकर क्लेम रजिस्टर्ड नही करे |
  3. क्लेम नंबर मिलने के बाद अगर 2 दिन में आपका एजेंट आपसे सम्पर्क नही करे या फिर 7 दिन के अंदर आपसे से क्लेम से सम्बन्धित पेपरों की कॉपी नही ले तो आप वापस कम्पनी के कस्टमर केयर नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करवाये और उसका शिकायत नंबर भी सम्भाल कर रखे |
  4. इन्सोरंस क्लेम कंपनीया उसके एजेंट को जो भी पेपर दे उसकी रसीद या कोई अन्य रिसीविंग प्रूफ कंपनी के स्टाम्प के साथ जरुर ले | क्योकि कई बार उनके एजेंट भी बिच में नौकरी छोड़ कर चले जाते है और आपके पेपर कंपनी में सबमिट नही हो पाते है ऐसे में इन्सोरंस कंपनी ये कह कर क्लेम देने से मना कर देती है की आपने हमे कोई पेपर नही दिए थे | कस्टमर के पास कोई सबूत होता है नही की उसने एजेंट को अपने पेपर दिए थे || ऐसी मुसीबत से बचने के लिए पेपर या तो ऑनलाइन भेजे या फिर रिसीविंग प्रूफ ले |
  5. क्लेम के लिए कंपनी से समय-समय पर पूछताछ करते रहे | क्योकि कंपनियों में काम ज्यादा है और स्टाफ कम होता है | आपकी फाइल कब दब गई या रह गई किसी को पता भी नही चलेगा |
  6. अगर आपकी गाड़ी पर लोन है तो अपनी लोन कंपनी से बात करके पता करे की कितना लोन का पैसा बचा है जिससे की आपको पता चले की आपको क्लेम का कितना पैसा वापस मिलेगा | फिर इन्सोरंस कंपनी से सम्पर्क करे की वो आपको कितना पैसा क्लेम के रूप में देगी | सतर्क रहे गड़बड़ होने पर एक्शन जरुर ले |

इन्सोरंस कंपनी क्लेम नही दे तो क्या करे :-

कई बार इन्सोरंस क्लेम कंपनीझूठे बहाने बना कर जैसे की आपने दोनों चाबी नही दी है, आपने हमेंदेरी से सूचित किया या आपने समय पर हमे डाक्यूमेंट्स नही दिए इत्यादी | ऐसे मेंउपभोक्ता को क्लेम देने से मना कर देते है | अगर इसोरंस कम्पनी आपको क्लेम देने सेमना कर दे तो आप उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटा सकते है 

अन्य जरूरी बाते :-

  1. अगर आपने गाड़ी चलाने के लिएड्राइवर रखा है, तो ड्राइवर के पास वैलिड लाइसेंस होनाजरूरी है। ऐसी सूरत में अगर ड्राइवर के हाथो गाड़ी चोरी हुई है तो इन्सोरंस कंपनीबहाना बना कर आपको क्लेम देने से मना कर सकती है वैसे ये कोई मजबूत पक्ष नहीहै लेकिन आप को तो क्लेम लेने के लिए उपभोक्ता अदालत जाना हो जाता है | बिमा कंपनीको ये फायदा होता है की वो आपका उपभोक्ता अदालत में लगने वाले समय में आपके पैसेका ब्याज खाती है | 
  2. इन्सोरंसकंपनी अगर क्लेम देने से मना करे तो फोरन उपभोक्ता अदालत में केस करे | आप सही हैतो न्याय जरुर मिलेगा |
  3. कुछ लोग सलाह देते है की आप आर.टी.ओ. को भी इस बारे में सूचित करे | जबकि ऐसा करना कोईजरूरी नही होता है | अगर आप ने अफ.आई.आर. करवा दी है तो आपको आर. टी. ओ. को सूचितकरने की कोई जरूरत नही है | इसके बावजूद भी की इन्सोरंस क्लेम कंपनीयाआर. टी. ओ. को सुचना की रिपोर्ट पब्लिक को परेशान करने केलिए मांग लेती है जो की गलत है | इसके अलावा कई बार बिमा कम्पनी आपसे R.C. भी चोरी होने पर उसकी सर्टिफाइड कॉपी आर.टी.. ओ. से मागती है वो भी गलत है | लेकिन पब्लिकको बीमा लेने के लिए उनकी ये शर्त माननी पड़ती है | लेकिन ये शर्त मानना जरूरी नहीहै |
  4. जिस क्षेत्र से आपकी गाड़ी चोरीहुई है, देखे वहां आसपास सीसीटीवी लगा है या नही , यदि लगा हो तो पुलिस की सहायता से उसमें से वीडियो रिकार्डिंग को देखें।इससे आपकी गाड़ी मिल सकती है। आप यह जानकारी सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं।
  5. गाड़ी चोरी होने के बाद ऐसेमार्केट में जाएं जहां सेकंड हेंड गाड़ियों की खरीदी बिक्री की जाती है। गाड़ीसुधारने वाले मैकेनिक से भी पूछताछ करें। पुलिस से लगातार शिकायत का फॉलोअप लेतेरहें।

जय हिन्द

ज्यादा अच्छी जानकारी के लिए इस नंबर 9278134222 पर कॉल करके  online advice ले advice fees  is rupees 500 only.

द्वारा

ADVOCATE DHEERAJ KUMAR

इन्हें भी जाने :-  

Category: कंजूमर राईट

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  3. Mohd Iqram
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