POCSO नया कानून क्या है? ये कैसे implement होता है

प्रश्न : वकील साहेब पोक्सो एक्ट क्या है? यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा” (Protection of Children from Sexual Offence Act)  POCSO  नया कानून क्या है? क्या ऐसे केस में bail जल्दी मिल जाती है?
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उत्तर : –

अब आप विस्तार से जानिए कि पोक्सो है क्या ? ये कैसे implement  होता है ?ये एक्ट कैसे ESTABLISHED होती है ?? साथियों एस एक्ट के अन्तर्गत बच्चों का Sexual Assault से बचाने के कुछ बेसिक प्रावधान है ! इसे Teenagers के लिए एक नई सेक्स कोड माना गया है अभी तक आई. पी.सी. जो 1860 में लिखा गयी है…पहली बात कि IPC 1860 के अनुसार केवल पुरुष ही बलात्कार करता है परन्तु इस POCSO कानून के अंतर्गत किसी लड़के को भी महिला अथवा लड़की द्धारा॑ रेप पीड़ित माना जायेगा !
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दूसरी बात आई. पी.सी. में रेप के लिए स्त्री के साथ में पुरुष द्धारा॑ फिजिकल इन्तेर्कोउर्स करना जरुरी होता है तब इसका अर्थ स्त्री की योनि से रेप होना है?
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परन्तु यहाँ इस एक्ट में POCSO के तहद नाबालिग लड़की के साथ फिजिकल लिंग प्रवेश करना जरुरी नहीं है बल्कि इस कानून के अंतर्गत यदि मुँह से, जीभ से भी,या बच्चे के किसी भी अंग से ,अन्य प्राइवेट पार्ट्स से अथवा गुदा को टच किया जाता है तो वह रेप की परिभाषा के अंतर्गत आएगा ! अभी बिहार के RJD के विधायक और बीजेपी के पार्षद के उपर पोक्सो के तहद केस चल रहा है राज्बल्लब यादव और टुल्लू सिंह पोकसो एक्ट के केस में कारावास में बंद है !

POCSO  में सजा का प्रावधान:-

Protection of Children from Sexual Offence Act POCSO

Protection of Children from Sexual Offence Act POCSO

Protection of Children from Sexual Offence Act POCSO

POCSO  में सजा का प्रावधान भी बहुत सख्त है अभी भारत सरकार ने अप्रैल 2018 में भी इसकी सजाओ में कुछ बदलाव किये है :-

पोस्को में लडकी के साथ रेप को 2 भागो में बाटा गया है पहला 16 वर्ष की लडकी व दूसरा 12 वर्ष की लडकी  के साथ रेप तथा इनमे भी रेप व गैंग रेप के दो भाग है आइये इन्हें जाने

16 वर्ष की लडकी के रेप के केस में :-

(1) अगर 16 वर्ष की लडकी के साथ कोई व्यक्ति रेप करता है तो वह 10 से 20 वर्ष के कारावास से दंडित होगा अगर उसका किया कृत्य मतलब रेप जगण्य अपराध की श्रेणीमें आता है तो वो व्यक्ति आजीवन कारावास से दंडित होगा |

(2) अगर 16 वर्ष की लडकी के साथ कई व्यक्ति  गैंग रेप करते है तो वे सभी व्यक्ति  आजीवन कारावास जो की उनकी मिर्तु तक होगा से  दंडित होंगे |

12 वर्ष की लडकी के रेप के केस में :-

(1) अगर 12 वर्ष की लडकी के साथ कोई व्यक्ति रेप करता है तो वह कम से कम 20 वर्ष के कारावास तथा ज्यादा से ज्यादा आजीवन कारावास  से दंडित होगा लेकिन अगर उसका किया कृत्य मतलब रेप जगण्य अपराध की श्रेणीमें आता है तो वो व्यक्ति मिर्तु दंड से दंडित होगा |

(2)  अगर 12 वर्ष की लडकी के साथ कई व्यक्ति  गैंग रेप करते है तो वे सभी व्यक्ति  आजीवन कारावास जो की उनकी मिर्तु होने तक रहेगा  व जगण्य अपराध होने पर मिर्तु दंड से दण्डित होंगे |

अन्य बाते सजा के बारे में :- 

यदि अपराधी किसी वस्तु चीज या शरीर के किसी हिस्से को बच्चे की योनि , लिंग गुदा के साथ Insert करता है तो भी बलात्कार (रेप) की परिभाषा में गिना जायेगा ! 18 वर्ष से कम लड़का या लड़की के साथ मुँह से जबरदस्ती Kiss करना उसके शरीर को चूमना या चाटना भी रेप की संज्ञा में शामिल किया गया है! यह कानून लागु हो चूका है!

बच्चे के साथ छेड़छाड़ (Molestation) को एक गंभीर अपराध माना गया है! अब तक आई. पी.सी.में औरत की Modesty को Outrage करने की सजा मात्र 2 वर्ष की थी जिसका परिणाम हम रुचिका गिरोहतरा डी. जी. पी. राठौर वाले केस में देख चुके है ! परन्तु जब POCSO के कानून में इसी प्रकार के उपरोक्त अपराध की सजा तीन से 5 वर्ष होगी !

अभी तक आई. पी.सी. के कानून में रेप की धारामें एक क्लॉज था जिसके अनुसार यदि 16 वर्ष से कम आयु की लड़की किसी बालिक पुरुष से अपनी मर्जी से सेक्स करती थी तो पुरुष को रेप की धारा में जेल जाना होता है क्योकि 16 वर्ष की लड़की सेक्स करने की सहमति Consent नहीं दे सकती अब नये POCSO कानून और भी सख्त है! इसके अनुसार लड़की की सेक्स करने के लिए सहमति Consent देने की आयु 18 वर्ष हो गई है! यदपि राष्ट्रीय महिला आयोग एवं अन्य समाज सेवी संस्थओं ने इस पर एतराज उठाया था की आज इतने फ़ास्ट स्पीड के समय में Consent की आयु 18 वर्ष नहीं रखी जाये क्योकि स्कूल और कॉलेज के अधिकतर बच्चे सेक्स को बुरा नही मानते ! Monsoon सत्र में इस पर विचार किया जायेगा! एक बदलाव और है, यदि बच्चे के साथ रेप होता है तो बच्चे का मात्र एक बार कहना ही पर्याप्त है की उसके साथ रेप हुआ है और 164 cr.p.c. का बयाँ ही अहम् मन जायेगा.

बेल  :-

(1) अब अप्रैल 2018 में किये गए संसोधन के अनुशार POCSO एक्ट के रेप के केसों में अब एन्टीसिपेटरी बेल नही है इनमे दोषी व्यक्ति को सरेंडर करके जेल जाना ही पड़ेगा | लेकिन अगर आप पर झुटा केस है और आप के पास सबूत है तो आप रिट के द्वारा हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से बिना जेल जाये बेल ले सकते हो |

(2) रेप केस के अलावा बाकी के केसों में आप बिना जेल जाये एन्टीसिपेटरी बेल ले सकते हो |

सजा :-

धाराओ के अनुसार सजा 5 साल से  मुर्तु दंड तक है |

POSCO केस में अब बच्चो से ज्यादा पूछताछ नही की जाएगी

POCSO केस की ट्रायल की समय सीमा :- 

POSCO के रेप के केसो में पुलिस को 2 महीने के अंदर ही अपनी जाँच पूरी करनी होगी तथा कोर्ट को भी 6 महीने के अंदर फैसला सुनाना होगा | रेप केस के अलावा बाकी के केसों में कोई समय सीमा नही है |

शिकायतकर्ता POSCO केस कैसे जीते :- 

(1) इन केसों में शिकायतकर्ता बच्चा होता है अगर वो कोई बात सही तरीके से नही भी बता पता है तो भी कोई बड़ी बात नही होती है केस उसी के पक्ष में जाता है लेकिन अगर बालक की उम्र 12 साल से उपर है और वो बात समझाने में सक्षम है तो उसकी बातो का तर्क निकला जा सकता है इसके बाद भी कोर्ट की सहानुभूति बच्चे के साथ ही होती है

(2) ऐसे केसों में ज्यादातर बच्चे के अभिभावक ही शिकायत करते है अगर वह घटना उनके सामने नही भी हुई है तो भी वे अगर बच्चे की घटना के बाद हरकतों का विवरण देते है की बच्चा रो रहा था या घटना के बाद अकेला रहना पसंद करता था या फिर ज्यादा डरने लगा था तो ये बाते भी दोषी के खिलाफ अच्छे सबूत का काम करेगी |

(3) केस से सम्बंधित सबूत जैसे की बच्चे के कपडे या चोट के निशान या फिर उस घटना के बाद बीमार हो जाना तथा उस बीमारी के मेडिकल डाक्यूमेंट्स इत्यादि भी सबूत का काम करते है उन्हें नष्ट नही होने दे  व सबूत के तोर पर आई औ साहब के पास जमा करवाए | आप इस लड़ाई को छोटी सी म्हणत से  जीत सकते है |

दोषी POCSO का झुटा केस कैसे जीते :- 

(1) अगर बच्चा 12 वर्ष से ज्यादा उम्र का है तो आप बच्चे से तर्क वितर्क से बातो के  मतलब निकाल करके केस को जीत सकते है लेकिन अगर बच्चा 12  वर्ष से छोटा है तो बच्चे के मुह से बिल्कुत उल्ट बात निकलवाना जरूरी है (ये काम आपके वकील साहब ही कर सकते है और इन बातो पर ज्यादा लिखने के लिए कोई टॉपिक होना जरूरी है इसलिए और नही लिख रहा हु )

(2) इन केसों में बच्चे से ज्यादा उस के अभिभावक या जो भी कोई शिकायतकर्ता हो उस के क्रॉस व बहस पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए क्योकि उन को गवाही में तोड़ कर हम केस आसानी से जीत सकते है |

(3) शिकायतकर्ता  फैमिली का कोई क्रिमिनल केस पहले से हो तो उस को आप हथियार बना सकते हो

इस में एक बात अच्छी है की यदि कोई बड़ा आदमी किसी पर इस बात का झूठा आरोप लगाता है की अमुख व्यक्ति ने फलाँ बच्चे के साथ रेप किया है आरोप झूठा साबित होता है तो POCSO के अनुसार उसे 6 महीने के लिए जेल भेज जायेगा! परन्तु POCSO बच्चे को इस जिम्मेदारी से भी अलग रखता है ! यदि 18 वर्ष से कम आयु का Teenager किसी के विरुद्ध झूठा आरोप लगाता है तो वह छह (6 ) महीने की सजा के प्रवधान से अलग रहेगा ! POCSO इस कानून से भी Teenage बच्चे को Protect करता है!

आप सभी को समझाने के लिए कुछ सहज व् सीधे शब्दों का प्रयोग जनहित कारणों से किया है ताकि आप सब बखूबी ईस खतरनाक एक्ट को गहराई से समझ सके! जनहित में जारी

जयहिंद

द्वारा

ADVOCATE DHEERAJ KUMAR

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