probation प्रोबेशन सजा माफ़ी क्या होता है कैसे जज अपराधी को सजा सुनाने के बाद भी तुरंत बरी कर सकता है

प्रशन :- वकील साहब ये probation प्रोबेशन सजा माफ़ी/ परिवीक्षा  क्या होता है कैसे एक अपराधी को दोषी होने पर भी कोर्ट सजा माफ़ कर देती है इसके क्या नियम, व कानून है ये कैसे मिलता है |

उत्तर :-  प्रोबेशन शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा के शब्द प्रोबेयर (probare) से हुई है| जिसका अभिप्राय परीक्षण (test) टेस्ट करना या सिद्ध करना है |इसका सूत्रपात सर्वप्रथम सन 1941 में वासटन के जॉन आगस्टस (Tohn Augustus) ने किया था इसके अंतर्गत उसने अपराधियों को मित्रवत संरक्षण में रखने की प्रथा शुरू की थी प्रोबेशन के अंतर्गत अपराधी को दंड ना दिया जाकर उसके सुधार के लिए परिवर्तन  किया जाता है प्रोबेशन में अच्छे आचरण के आधार पर अपराधियों के अपराधों के दंड को स्थगित (खत्म) करके कुछ प्रतिबंधों के अधीन करते हुये उन्हें अपने को सुधरने का अवसर दिया जाता है दूसरे रूप से कहे तो प्रोबेशन कुछ छठे हुए लोगों को दण्ड से बचाने का एक प्रयास है इस प्रयास में अपराधी की सजा माफ़ करके उसे बरी कर दिया जाता है | इसी प्रयास के कारण भारतवर्ष में प्रोबेशन के संबंध में प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट 1948 (probation of offenders act 1948) लाया गया| जिसके अनुसार इस संबंध में यह व्यवस्था है की जहां कोई व्यक्ति ऐसे अपराध का दोष सिद्ध ना पाया जाए जोकि मृत्युदंड या आजीवन कारावास से दंडित किया जाने वाला हो | तो वो न्यायालय जहां अपराधी दोष सिद्ध पाया गया हो उस मामले की परिस्थितियों जिसमें अपराध की प्रकृति भी शामिल है को ध्यान में रखते हुए यह उपेक्षित है अपराधी को उसको अच्छे चरित्र के कारण प्रोबेशन पर छोड़ा सकता है ऐसे में अपराधी को दंडित करने के बजाय न्यायालय उसे जमानत सहित या जमानत रहित ऐसा बंधपत्र यानी bond निष्पादित करने पर कि जिसकी अवधि जो कि 3 वर्ष से अधिक न हो बरी कर देता है |

probation प्रोबेशन सजा माफ़ी  कैसे ले :- प्रोबेशन लेने के लिए आप स्वय या अपने वकील साहब के द्वारा कोर्ट में याचिका दायर कर सकते है इसके लिए आप को कोर्ट के सामने अपना अच्छा आचरण, probation प्रोबेशन  लेने का कारण, व उसकी शर्तो के पालन का कोर्ट को विश्वास दिलाना होता है कोर्ट आप का विश्वास कर के आप को प्रोबेशन दे देता है प्रोबेशन हमेशा सजा मिलने के बाद ही मिलता है |

probation प्रोबेशन सजा माफ़ी

probation प्रोबेशन सजा माफ़ी

प्रोबेशन अधिकारी कोन है व उसके अधिकार व कर्तव्य :- probation प्रोबेशन सजा माफ़ी पर अपराधी को छोड़ने का कार्य तो कोर्ट का होता है पर उस छोड़े गये अपराधियों की देखभाल करने व उनकी गतिविधियों पर नियन्त्रण रखने के लिए एक प्रोबेशन अधिकारी की नियुक्ति की जाती है | ऐसी नियुक्ति उस राज्य की राज्य सरकार द्वारा की जाती है प्रोबेशन अधिकारी  का मुख्य कार्य बाल न्यायलय के न्याधीश/अन्य न्यायाधीश के साथ मिल कर कार्य करना व उनको सहयोग देना होता है | प्रोबेशन ऑफिसर के लिए कुछ योग्यताएं भी होती है जो की निम्नलिखित है |

  1. प्रोबेशन ऑफिसर कम से कम ग्रेजुएट होना चाहिए तथा उसे समाज विज्ञान के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए है
  2. प्रोबेशन ऑफिसर सीधे स्वभाव और शांत प्रकृति का होना चाहिए |
  3. प्रोबेशन ऑफिसर मानसिक रुप से प्रयुक्त और परिस्थिति के अनुसार कार्य कर सकने वाला वह समय आने पर अच्छा और दृढ़ निर्णय लेने वाला होना चाहिए |
  4. प्रोबेशन अधिकारी बाल स्वभाव और बाल मनोविज्ञान में दक्ष होना चाहिए तथा उसमें बच्चों के स्वभाव और बच्चों के मनोविज्ञान को जानने की दक्षता होनी चाहिए
  5. प्रोबेशन ऑफिसर निष्पक्ष और संतुलित रुप से किसी मामले का निर्णय ले सकने वाला होना चाहिए |
  6. प्रोबेशन ऑफिसर अपने कर्तव्य और दायित्व के प्रति जागरुक हो कानून और न्यायालय की कार्यवाहियों की पूरी जानकारी हो |

प्रोबेशन अधिकारी के अधिकार व कर्तव्य :-

  • प्रोबेशन अधिकारी का पहला कर्तव्य परीक्षण या probation प्रोबेशन सजा माफ़ी के लिए मुक्त किए गए अपराधी की देखभाल करना और उसके गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है
  • प्रोबेशन में रखे गए अपराधियों के संबंध में अपेक्षित सूचना या आंकड़े एकत्रत करना |
  • अपराधी को पुनः स्थापित होने में सहायता करना तथा किसी प्रकार का कोई कष्ट या परेशानी आने पर उसकी मदद करना होता है |

अपराधी को probation प्रोबेशन सजा माफ़ी किन शर्तें पर दिया जाता है :- प्रोबेशन की कुछ शर्ते भी होती है जिन्हें अपराधी को मानना पड़ता है उस शर्तो के आधारपर ही किसी अपराधी को प्रोबेशन पर छोड़ा जाता है |

(1)  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी की अवधि निश्चित होती है

(2)  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी का लाभ केवल उन अपराधियों को दिया जाता है जिन्होंने कोई ऐसा गंभीर अपराध न किया हो तथा उनका दंड आजीवन कारावास या मृत्युदंड नही हो |

(3) प्रोबेशन पर प्राय/ज्यादातर 21 वर्ष से कम आयु वाले अपराधियों को प्रोबेशन पर छोड़ा जाता है

(4) प्रोबेशन काल में अपराधी परिवीक्षा/ प्रोबेशन अधिकारी (brobation officer) के नियंत्रण में ही रहता है प्रोबेशन अधिकारी इस बात का ध्यान रखता है कि वह कोई नया अपराध न कर दे या उस पुराने अपराध को दोबारा ना करें या उसमें किसी के साथ कुछ गलत ना करें |

(5)  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी के लिए अपराधी को बोंड भरना होता है जिसमें यह लिखा होता है कि वह शांतिपूर्वक एक अच्छे नागरिक की तरह रहेगा और कोई भी अपराधी कार्य नहीं करेगा |

(6)  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी का लाभ ऐसे अपराधियों को दिया जाता है जिसका चरित्र अच्छा हो और वह भविष्य में अच्छा आचरण समाज में रखें इस बात का आश्वासन कोर्ट को दें की वे भविष्य में कोई भी गलत या असमाजिक कार्य नही करेंगे |

(7)  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी पीरियड में अपराधी प्रोबेशन अधिकारी की आज्ञा के बिना अपने रहने के स्थान में कोई परिवर्तन नहीं कर सकता है तथा वह अगर बोंड में या किसी शर्त में किसी क्षेत्र से बांधा गया है कि वह उसको छोड़कर नहीं जाएगा तो वह क्षेत्र को भी बिना संबंधित अधिकारी की आज्ञा के छोड़कर बाहर नहीं जाएगा |

(8) अपराधी को प्रोबेशन पीरियड में अपने प्रोबेशन अधिकारी से संपर्क बनाए रखना होता है तथा दिए गए समय में वह उस को सूचित भी करता रहता है |

(9) प्रोबेशन पीरियड में अपराधी को अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना होता है उदाहरणत: उससे यह कहा जाता है कि वह देर से घर में नही लौटे तथा गलत आचरण वाले व्यक्ति के संपर्क में न रहे |

(10) प्रोबेशन पीरियड में अपराधी प्रोबेशन अधिकारी की आज्ञा के बिना यात्रा नहीं कर सकता है

(11 ) प्रोबेशन पीरियड में अपराधी प्रोबेशन अधिकारी की आज्ञा के बिना विवाह भी नही कर सकता है और उसे संबंधित अधिकारी के कहे अनुसार समय के अपने घर पर ही रहना होता है

(12 प्रोबेशन पीरियड में अपराधी, प्रोबेशन अधिकारी के निरीक्षण के अंतर्गत रहता है तथा प्रोबेशन अधिकारी को उसकी समस्त गतिविधियों की रिपोर्ट अपने उच्च परीक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करनी पड़ती है|

 

probation प्रोबेशन सजा माफ़ी के लाभ व हानि :- अपराधियों के उपचार और सुधारने की दिशा में प्रोबेशन एक सफल प्रयोग है प्रोबेशन में अपराधी हीन भावना से न ग्रस्त होकर आत्मविश्वास से जीना सीखता है वैसे देखे तो प्रोबेशन अपराधियों के लिए एक वरदान के समान ही है जिनमे उनको वे सजा से बच जाते है पर इसके लाभ के साथ  कुछ हानिया भी है जो की निम्नलिखित है |

लाभ :-

  1.  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी की व्यवस्था से अपराधी कारावास या दण्ड भोगने से बच जाता है
  2. कारावास में रहने वाले अन्य अभ्यस्त व क्रूर अपराधियों की संगति से बचता है
  3. कारागार में भीड़ कम होने से सरकारी काम में कमी आती है तथा सरकार पर खर्च भी कम पड़ता है
  4. अपराधी कारावास से दंडित न होने के कारण हीन भावना से ग्रस्त नहीं होता तथा एक सुखमय जीवन व्यतीत कर पाता है प्रोबेशन से अपराधी में आत्मसम्मान उत्पन्न होता है और वह अच्छा जीवन बताने की ओर प्रेरित होता है
  5. कारावास में सजा पाए व्यक्तियों की समाज हमेशा से ही उपेक्षा करता है अपराधी प्रोबेशन के कारण समाज की इस घ्रणा से बच जाता है
  6.  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी के कारण अपराधी अपने परिवार और समाज से अलग नहीं होता है इससे वह अपने परिवार के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वाह कर पाता है
  7. प्रोबेशन एक चिकित्सीय उपचार भी है जिसके कारण अपराधी की मूल प्रवृत्तियों को बदला जा सकता है प्रोबेशन द्वारा नए और भावुक प्रकृति के अपराधी व्यक्तियों में सुधार किया जा सकता है तथा उन्हें एक अच्छा नागरिक भी बनाया जा सकता है
  8. परिवीक्षा/प्रोबेशन काल में अपराधी कोई कार्य करके अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आत्मनिर्भर रहता है

probation प्रोबेशन सजा माफ़ी की हानियां :- प्रोबेशन से होने वाली हानियां निम्नलिखित है :-

  1.  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी से अन्य अपराधियों जिन्हें आजन्म कारावास या मृत्यु दंड दिया गया हो उनमें न्याय के प्रति असंतोष उत्पन्न होता है
  2.  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी के लिए चुने जाने वाली प्रक्रिया भी साफ स्पष्ट नहीं है तथा उसका भी सही ढंग से पालन नहीं किया जाता जिससे के चुने गए पात्रों में असंतोष उत्पन्न होता है
  3.  probation प्रोबेशन सजा माफ़ी काल में अपराधियों के बारे में सही और अपेक्षित सूचना नहीं मिल पाती है
  4. इसमें जो प्रोबेशन ऑफिसर होता है वह अपना काम समय पर ना करें तो उसके भी दुष्परिणाम निकलते हैं तथा प्रोबेशन पर छोड़ा गया अपराधी फिर से गलत संगत में भी फंस सकता है
  5. प्रोबेशनरी ऑफिसर के पास अपराधियों से सम्पर्क बनाने व उन पर नजर रखने के लिए समुचित साधन नहीं होते है जिससे कि वह प्रोबेशन में रखे गए अपराधियों से संपर्क रख सके और उनकी मदद कर सके
  6. राजनीतिक हस्तक्षेप भी इस प्रोबेशन की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है
  7. अपराधी को स्थापित करने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है जिससे कि प्रोबेशन काल के बाद अपराधी फिर से अपराध करने लगते हैं |
  8. प्रोबेशन ऑफिसर के अधिकार इतने सीमित होते हैं कि वे इस संबंध में कोई भी उपेक्षित कार्रवाई नहीं कर सकते हैं या नहीं कर पाते हैं तथा अगर कोई करना भी चाहें तो सरकारी प्रक्रिया इतनी जटिल है कि जब तक वे उस साधन को उस अपराधी के पास पहुंचाते है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है या वह साधन किसी काम का नहीं होता है
  9. प्रोबेशन ऑफिसर की नियुक्ति खास कर बाल न्यायलयो के लिए की जाती है परंतु इन न्यायलयो का दृष्टिकोण उदासीन ही होता है
  10. प्रोबेशन पद्धति से सरकार को कोई आर्थिक लाभ नहीं होता जिसे कारण भी सरकार का रवैया इसके प्रति उदासीन रहता है
  11. प्रोबेशन की सुविधा का बहुत से अपराधी अनुचित लाभ उठाते हैं यह नहीं कहा जा सकता कि प्रवचन का लाभ लेने वाले व्यक्ति निश्चित रूप से सुधार कर सकेगा |

प्रोबेशन की शर्तो को तोड़ने पर क्या होता है :- probation प्रोबेशन सजा माफ़ी की शर्तो को तोड़ने पर कोर्ट अपराधी का प्रोबेशन पीरियड खत्म कर देती है तथा उसे बाकी की रही हुए सजा जेल में कटनी पडती है \ तथा दुबारा उसे किसी भी कंडीशन में प्रोबेशन नही मिलता है |

क्या अपराधी  एक ही समय में दो सजाओ पर प्रोबेशन ले सकता है :- नही ऐसा नही हो सकता है |

जय हिन्द

द्वारा

अधिवक्ता धीरज कुमार

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2 Comments

  1. नितेश व्यास

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