जानिए क्या है वचन पत्र Promissory Note

प्रश्नन :- वकील साहब ये वचन पत्र PROMISSORY NOTE क्या होता है ये कैसे किसी और दस्तावेज से ज्यादा मजबूत क़ानूनी हथियार है और अग्रीमेंट से कैसे भिन्न है तथा झूटा वचन पत्र देने पर क्या हो सकता है |

वचन पत्र PROMISSORY NOTE क्या होता है ?

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वचन पत्र

वचन पत्र लिखित रूप से किया गया एक करार (अग्रीमेंट ) है | जिसमे एक व्यक्ति दुसरे व्यक्ति को स्वय और स्वेछापूर्वक एक निश्चित धन या कोई वस्तु जैसे जमीन, एक निश्चित समय में देने का बिना शर्त वचन देता है |

यह वचन पत्र किसी ऐसे व्यक्ति के सम्मुख/अटेस्ट किया जाता है जो विधि द्वारा अधिकृत हो (जैसे नोटरी या रजिस्ट्रार आदि) |

अगर कोई व्यक्ति ये लिखे की मेने अमुक व्यक्ति से पैसे उधार लिए थे तथा में उनको देने का देनदार हु तो ये स्टेटमेंट भी वचन पत्र मानी जाएगी

वचन पत्र का उदेश्य व महत्वता :-

आप लोग शायद ये नही जानते होंगे की वचन पत्र किसी भी अग्रीमेंट या ऐफिडेविट से ज्यादा बड़ा व कानूनी रूप में मजबूत हतियार है इसका प्रयोग इतना खतरनाक है की इन्सान को सोचने का मोका भी न मिले और काम हो जाये  लेकिन बताने से पहले आप लोगो से ये विनती करूंगा की आप इस जानकारी का गलत प्रयोग नही करे तथा सिर्फ अपने बचाव या सुरक्षा में ही इसका प्रयोग करे  आइये जाने कैसे  :-

  1. केस का फेसला होने में समय नही लगना :- जैसा की हम लोग लेनदेन में सिर्फ इसी बात से सबसे ज्यादा डरते है की अगर सामने वाले ने मुझे पैसे नही दिए तो कोर्ट के द्वारा लेने में बहुत समय लग जायेगा | ये चीज इसमें नही है | क्योकि इसमें कोर्ट में केस सिविल प्रकिर्या सहिता के अनुसार आर्डर 37 में डलता है और इस आर्डर 37 में केस डालने का फायदा ये है की ये केस सिर्फ गिनती की 4 तारीखों (4 महीने मात्र) में समाप्त हो जाता है तथा इसमें लम्बी तारीख लेने या फिर दिए समय पर कार्य नही करने का कोई बहाना नही चलता है | अगर कोई वकील साहेब इसको लम्बा चलाना भी चाहे तो भी 2 या 3 तारीख ही ज्यादा ले सकते है वो भी जुर्माने के साथ | (आर्डर 37 दीवानी प्रकिर्या का यहा पर ज्यादा वर्णन नही कर रहा हु क्योकि ये बहुत बड़ा टोपिक है) याद रहे अगर आप के पास पुरे या सही दस्तावेज नही है तो आपका ये केस साधारण सिविल केस में भी तब्दील हो सकता है  | जिसमे साधारण केसों की तरह ही न्याय मिलेगा |
  2. पुरानी फिल्मो के उधारण :– अगर आप लोगो को याद हो की, हमारी पुरानी फिल्मो में आप लोगो ने देखा होगा की गाँव का लाला गरीब किसान से उसका अगुठा लगवा लेता था | तथा कुछ समय में ही कोर्ट से उसकी जमीन अपने नाम करवा लेता था | आप लोगो ने जरुर सोचा होगा की वैसे तो कोर्ट में इतना समय लगता है पर उस लाला को क्यों नही लगता | वो लाला इस promissory note पर ही किसान का अंगूठा लेता था | तथा उसे कोर्ट में आर्डर 37 सिविल प्रकिर्या में दाखिल कर के केस को जीत कर कोर्ट के माध्यम से किसान की जमीन को अपने नाम करवा लेता था |
  3. जवाबदेही से बचना :- किसी भी वचन पत्र में ये साबित या लिखने की ये जरूरत नही होती है की ये लेन-देन क्यों हो रहा है तथा इसमें किसी भी पक्षकार का कोई फायदा या नुकसान है या नही आप इस जवाबदारी से बच जाते है

वचन पत्र के आवश्यक तत्व कौन से है :-

वचन पत्र में दो पक्षकार होते है  पहला कर्ता (maker) कहलाता है जो की धन का भुगतान करने का वचन देता है तथा दूसरा प्राप्त कर्ता (payee) कहलाता है वचन पत्र लिखते समय इन बातो का ध्यान रखना चाहिए :-

  1. वचन पत्र लिखित रूप में हो :- वचन पत्र का लिखित रूप में व स्पस्ट भाषा में होना बहुत जरूरी है तथा साबित करने के लिए हो सके तो उस पर दोनों पक्षों के अगुठो के निशान भी, साबित करने में आसानी रहती है
  2. वचन पत्र की लिखावट :- वचन पत्र साफ स्पस्ट व आसान भाषा में होना जरूरी है ताकि जरूरत पड़े तो उसे कोर्ट में आसानी से साबित किया जा सके |
  3. अदायगी का तरीका :- वचन पत्र में जो भी वादा या वचन लिया जाता है वो बिना शर्त के होना चाहिए उसमे अगर आप किसी भी प्रकार की शर्त अगर लगा देने है तो वो अग्रीमेंट बन जाता है इसलिए बिना किसी शर्त के सीधे व कम शब्दों में वचन पत्र बनाये |
  4. अदायगी की वजह जरूरी नही है :- अग्रीमेंट की तरह वचन पत्र में ये जरूरी नही है की आप वचन पत्र में इस बात का जिक्र करे की आप सामने वाले को पैसा क्यों दे रहे है |
  5. हस्ताक्षर :- वचन पत्र में दोनों पक्षों के हस्ताक्षर उनके नाम व पुरे पते के साथ होने जरूरी है तथा हो सके तो अंगूठा भी लगा हो |
  6. दो गवाह जरुर हो :- यह की किसी भी वचन पत्र में 2 गवाह होने जरूरी है जिसपर उनके नाम, पता हस्ताक्षर हो तथा हो सके तो अंगूठा भी लगा हो |
  7. रसीद :- अगर कोई पैसे का लेन देन हुआ है तो उस लेन देन की रसीद हो तो और भी अच्छा है
  8. भुगतान का तरीका :- वचन पत्र अगर धन से सम्बन्धित है तो आप के लिए जरूरी है की वो धन एक निश्चित रकम में हो तथा भुगतान की तारीख भी निश्चित हो |
  9. वादा कैसे किया जाना चाहिए :- जो भी पैसे या जमीन देने का वादा promissory noteमें किया गया है वो वादा साफ़-स्पस्ट होना जरूरी है तथा समय सीमा का भी वर्णन हो | अगर पैसे देने का वर्णन है तो वो बिना किसी ब्याज के साथ हो |

वचन पत्र किस भाषा में होना चाहिए :- Promissory Note हिंदी, अंग्रेजी या आप अपने राज्य की भाषा में बनवा सकते है

वचन पत्र  कैसे लिखे व बनाये  :- वचन पत्र को बनाने के 5 चरण है

  • वचन पत्र में सबसे पहले उसकी हेडिंग लिखे जैसे वचन पत्र पैसो के लेनदेन के लिए
  • इसके बाद दोनों पक्षों के नाम, उम्र, व पता लिखे |
  • इसके बाद Promissory Note में लेनदेन का जिक्र करे की किस पक्ष को कितने पैसे या कोई वस्तु जैसे की जमीन देनी है उसका समय व मूल्य का निर्धारण हो तथा ऐसा करने का वचन लेता हु ऐसी सपथ भी हो |
  • इसके बाद दो गवाहों के नाम पते के के साथ मूल पक्षों के हस्ताक्षर और हो सके तो अगुठो के निशान के साथ लगाये
  • अंत में कार्य उस Promissory Note को रजिस्टर्ड करवाने का होता है जो आप नोटरी पब्लिक से अटेस्टेड या फिर रजिस्ट्रार से रजिस्टर करवा सकते है।

वचन पत्र व अग्रीमेंट में क्या अंतर है :-

वैसे तो वचन पत्र और अग्रीमेंट एक जैसे ही लगते है लेकिन दोनों में भुत बड़ा अंतर है

  • अग्रीमेंट में इसके होने का कारण लिखा होता है लेकिन वचन पत्र में ऐसा नही होता है उसमे सिर्फ वचन ही होता है जो की बिना किसी कारण के बिलकुल शुद्ध मांग में होता है
  • अग्रीमेंट में कोई भी कार्य करने की सीमा होती है और वो कार्य किस्तों में भी हो सकता है लेकिन Promissory Note में ऐसा कुछ नही होता है उसमे सिर्फ पैसा या कोई वस्तु देने का वचन होता है जो की सिर्फ एक ही बार में व एक निश्चित समय में देने का होता है |
  • अग्रीमेंट में शर्ते व नियम हो सकते है पर Promissory Note में कोई शर्त या नियम नही होती है व बिना किसी शर्त या नियम का होता है
  • दोनों के कोर्ट फीस में अंतर होता है
  • अग्रीमेंट का कोर्ट केस साधारण केस की तरह ज्यादा लम्बा चलता है लेकिन Promissory Note में सिर्फ 4 तारीखों में कोर्ट केस के निपटान का तरीका उपलब्ध है

वचन पत्र कहा पर अटेस्ट/ रजिस्टर करवाए :-

Promissory Note आप नोटरी या रजिस्ट्रार से रजिस्टर करवा सकते है में इसके लिए आपको रजिस्ट्रार के पास जाने की ही सलाह दूंगा ताकि बाद में आप को किशी भी प्रकार की समस्या नही आये

वचन पत्र की फीस :- जो भी वचन पत्र नोटरी से अटेस्ट होते है उनमे एक लाख पर एक रूपए की रसीदी टिकेट लगती है तथा जो वचन पत्र  दिल्ली में रजिस्ट्रार से रजिस्टर करवाए जाते है उनमे सारे अमाउंट का 2.5 प्रतिशत लगता है शायद बाकी राज्यों में भी ये फीस समान ही है वैसे आप लोगो को बता दू की हर राज्य का अपना स्टाम्प ड्यूटी एक्ट है तो राज्य के हिसाब से फीस अलग भी हो सकती है |

झूठा वचन पत्र देने पर सजा – 1. अगर कोई शख्स झूठा Promissory Note अदालती कार्रवाई के दौरान पेश करता है तो अदालत ऐसे शख्स के खिलाफ अदालत में झूठा सबूत पेश करने के मामले में मुकदमा चलाने का आदेश दे सकती है। ऐसे उस व्यक्ति पर सीआरपीसी की धारा-340 के तहत मुकदमा चलता है। अदालत के सामने झूठा सबूत पेश करने के मामले में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 7 साल की कैद का प्रावधान है,

  1. वहीं किसी दूसरी सरकारी या गैर सरकारी कार्यालय के सामने झूठा सबूत पेश करने के मामले में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 3 साल कैद की सजा का प्रावधान है।
  2. अगर कोई शख्स किसी और के बदले वचन पत्र पर दस्तखत करता है और उसका गलत इस्तेमाल किया जाता है तो ऐसा करने वाले शख्स के खिलाफ आईपीसी की धारा-419 (पहचान बदलकर धोखा देना) का भी मुकदमा बनता है। जिसमे 3 साल तक की सजा है
  3. अगर ऐसे झूठा वचन पत्र का इस्तेमाल किसी को धोखा देने के लिए किया जाए तो जालसाजी का भी केस बन सकता है।

जय हिन्द

द्वारा

अधिवक्ता धीरज कुमार

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